Looking up...
जिस बात को छुपाया नहीं जा सकता, वह स्वयं प्रकट हो जाती है।
तुम्हारी झूठ बोलने की आदत तो हाथ में कंगन पहनने जैसी है।
तुम्हारा झूठ बहुत स्पष्ट और आसानी से पहचान में आने वाला है।
उसकी खुशी चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी, जैसे हाथ में कंगन पहनना।
उसकी खुशी बिल्कुल स्पष्ट और प्रकट थी।
इस मुहावरे का प्रयोग उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ किसी बात को छुपाया नहीं जा सकता और वह स्वयं प्रकट हो जाती है।
इस मुहावरे का प्रयोग तब करें जब कोई बात इतनी स्पष्ट हो कि उसे छुपाया न जा सके। उदाहरण के लिए, 'उसकी बेईमानी तो हाथ में कंगन पहनने जैसी है।'
यह मुहावरा उन स्थितियों के लिए है जहाँ कोई बात स्वयं प्रकट हो जाती है। इसका प्रयोग सावधानी से करें, क्योंकि यह व्यक्तिगत गुण-दोषों को उजागर करता है।
यह मुहावरा भारतीय संस्कृति में हाथ के आभूषण कंगन से लिया गया है, जो सदैव दिखाई देते हैं। इसी प्रकार कुछ बातें भी ऐसी होती हैं जिन्हें छुपाया नहीं जा सकता।
इस मुहावरे का प्रयोग मुख्यतः उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ किसी व्यक्ति की भावनाएँ, गुण या दोष स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। इसका प्रयोग सकारात्मक और नकारात्मक दोनों संदर्भों में किया जा सकता है।