हाथ कंगन को आरसी
haath kaṅgan ko ārcīजो वस्तु प्रत्यक्ष दिखाई दे रही हो, वही सत्य और प्रमाणित होती है। बाहरी दिखावे से ही सच्चाई का अनुमान लगाया जा सकता है।
उसके पास महँगे कपड़े देखकर लोग समझ बैठे कि वह बहुत धनी है। हाथ कंगन को आरसी क्या?
उसके पास महँगे कपड़े देखकर लोग समझ बैठे कि वह बहुत धनी है। जो दिख रहा है वही सच है।
उसके घर के बड़े आकार को देखकर पड़ोसी जान गए कि वह बहुत अमीर है। हाथ कंगन को आरसी क्या?
उसके घर के बड़े आकार को देखकर पड़ोसी जान गए कि वह बहुत अमीर है। जो दिखाई दे रहा है वही सत्य है।
इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति या वस्तु की बाहरी चमक-दमक से उसके वास्तविक मूल्य या स्थिति का अनुमान लगाया जाता है।
शब्द संयोजन
समानार्थी शब्द
संबंधित वाक्यांश
💡विशेष सुझाव
मुहावरे का सही प्रयोग
इस मुहावरे का प्रयोग तब करें जब किसी व्यक्ति या वस्तु की बाहरी चमक-दमक से उसके वास्तविक मूल्य का अनुमान लगाया जा रहा हो। उदाहरण के लिए, 'उसके पास महँगी कार देखकर लोग समझ बैठे कि वह बहुत अमीर है। हाथ कंगन को आरसी क्या?'
⚡स्वर्णिम नियम
मुहावरे का अर्थ समझें
इस मुहावरे का अर्थ है कि बाहरी दिखावे से ही सच्चाई का अनुमान लगाया जा सकता है। इसका प्रयोग उन स्थितियों में करें जहाँ प्रत्यक्ष प्रमाण ही पर्याप्त माने जाते हों।
📖शब्द की उत्पत्ति
यह मुहावरा हिंदी भाषा का प्राचीन लोकप्रिय मुहावरा है। 'हाथ' का अर्थ है हाथ, 'कंगन' का अर्थ है बाजूबंद, और 'आरसी' का अर्थ है आईना। प्राचीन काल में लोग हाथ में कंगन पहनकर आईने में देखकर उसकी सुंदरता और मूल्य का अनुमान लगाते थे। उसी प्रकार बाहरी दिखावे से ही व्यक्ति या वस्तु की वास्तविक स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है।
📝उपयोग नोट्स
इस मुहावरे का प्रयोग मुख्यतः उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ बाहरी दिखावे को ही प्रमाण मान लिया जाता है। इसका प्रयोग सकारात्मक और नकारात्मक दोनों संदर्भों में किया जा सकता है।