समानता का सिद्धांत

samāntatā kā siddhānta
noun phraseमध्यम न्याय और समान अधिकार
⚖️विधि
औपचारिक

सभी व्यक्तियों को समान अधिकार, अवसर और न्याय प्रदान करने का सिद्धांत।

अदालत में समानता के सिद्धांत के आधार पर फैसला सुनाया गया।

न्यायाधीश ने सभी पक्षों को समान अवसर दिया।

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संविधान के अनुच्छेद 14-18 में समानता के सिद्धांत को स्पष्ट किया गया है।

औपचारिक

सामाजिक न्याय और समान अवसरों की स्थापना हेतु बनाया गया नियम।

समानता के सिद्धांत के बिना समाज में असमानता बढ़ जाती है।

जब समान अधिकार नहीं होते, तो समाज में भेदभाव बढ़ता है।

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समानता के सिद्धांत का उद्देश्य समाज में न्याय और समरसता स्थापित करना है।

संबंधित वाक्यांश

💡विशेष सुझाव

समानता के सिद्धांत का महत्व

समानता का सिद्धांत समाज में न्याय और समरसता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। इसका पालन करके हम एक समावेशी समाज का निर्माण कर सकते हैं।

स्वर्णिम नियम

समानता बनाम समान व्यवहार

समानता का अर्थ है समान अधिकार देना, जबकि समान व्यवहार का अर्थ है सभी के साथ एक जैसा बर्ताव करना। दोनों में अंतर समझना महत्वपूर्ण है।

📖शब्द की उत्पत्ति

समानता (सम + ता) + का (संबंध सूचक) + सिद्धांत (सिद्ध + अंत)। संस्कृत मूल के शब्दों से बना हिन्दी शब्द। 'सिद्धांत' का अर्थ है 'स्थापित नियम'।

📝उपयोग नोट्स

समानता के सिद्धांत का प्रयोग कानूनी, सामाजिक और नैतिक संदर्भों में किया जाता है। यह व्यक्तियों के बीच भेदभाव को रोकने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

शब्द विश्लेषण

समानता
बराबरी या समान अधिकार
root
+
का
संबंध सूचक
postposition
+
सिद्धांत
स्थापित नियम या सिद्धांत
root
हिन्दी शब्दकोश