व्यंग्यात्मक आग्रह
/vjəŋɡjət̪ək ɑːɡrəh/ऐसा आग्रह जिसमें व्यंग्य या उपहास छिपा हो, जो वास्तविक भावना को छिपाकर व्यक्त किया जाता है।
उसने व्यंग्यात्मक आग्रह किया कि 'तुम तो बहुत मेहनती हो!' जबकि वह जानता था कि वह कामचोर है।
उसने व्यंगपूर्ण तरीके से कहा कि तुम बहुत मेहनती हो, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत थी।
इस phrase का प्रयोग तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति किसी बात को व्यंग्यपूर्ण तरीके से प्रस्तुत करता है, जिससे उसकी असली भावना का पता चलता है।
संबंधित वाक्यांश
💡विशेष सुझाव
व्यंग्यात्मक आग्रह की पहचान
व्यंग्यात्मक आग्रह की पहचान करने के लिए देखें कि क्या वक्ता की बात में असली भावना छिपी हुई है और वह व्यंग्यपूर्ण तरीके से बोल रहा है।
⚡स्वर्णिम नियम
व्यंग्यात्मक आग्रह का प्रयोग
व्यंग्यात्मक आग्रह का प्रयोग तब करें जब आप किसी बात को व्यंग्यपूर्ण तरीके से प्रस्तुत करना चाहते हैं, जिससे सुनने वाले को असली भावना का पता चले।
📖शब्द की उत्पत्ति
व्यंग्यात्मक शब्द 'व्यंग्य' (व्यंग + ता + क) से बना है, जिसका अर्थ है 'उपहास करने वाला' या 'मज़ाकिया'। 'आग्रह' शब्द संस्कृत से आया है, जिसका अर्थ है 'अनुरोध' या 'ज़ोर देना'।
📝उपयोग नोट्स
इस phrase का प्रयोग साहित्य, कविता, या बोलचाल की भाषा में किया जाता है। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति किसी बात को व्यंग्यपूर्ण तरीके से प्रस्तुत करता है, जिससे उसकी असली भावना का पता चलता है।