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न्यूटन का दूसरा नियम, जिसे 'बल का नियम' भी कहा जाता है, बताता है कि किसी वस्तु पर लगाया गया बल उसके द्रव्यमान और त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है।
बल का नियम भौतिक विज्ञान में वस्तुओं की गति और बल के बीच के संबंध को बताता है।
भौतिक विज्ञान में वह सिद्धांत जो किसी वस्तु पर लगाए गए बल और उसके परिणामस्वरूप उत्पन्न त्वरण के बीच संबंध स्थापित करता है।
बल का नियम बताता है कि F = ma, जहाँ F बल, m द्रव्यमान और a त्वरण है।
बल, द्रव्यमान और त्वरण के बीच के गणितीय संबंध को बल का नियम कहते हैं।
जब किसी गाड़ी पर ब्रेक लगाया जाता है, तो बल का नियम उसकी गति में परिवर्तन को नियंत्रित करता है।
बल का नियम गाड़ी की गति को धीमा करने में मदद करता है।
बल का नियम न्यूटन के गति के तीन नियमों में से एक है।
बल = द्रव्यमान × त्वरण (F = ma)। इसे याद रखने के लिए 'फूल माला' शब्द का उपयोग करें जहाँ 'फूल' बल, 'मा' द्रव्यमान और 'ला' त्वरण को दर्शाता है।
बल का नियम तब लागू होता है जब वस्तु पर बाहरी बल लगाया जाता है और उसका परिणामस्वरूप त्वरण उत्पन्न होता है।
बल शब्द संस्कृत के 'बलम्' से आया है जिसका अर्थ शक्ति या शक्ति लगाना होता है। नियम शब्द संस्कृत के 'नियमः' से लिया गया है जिसका अर्थ नियम या सिद्धांत होता है। यह शब्द भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में न्यूटन द्वारा प्रतिपादित सिद्धांत को संदर्भित करता है।
बल का नियम भौतिक विज्ञान के अध्ययन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका प्रयोग वस्तुओं की गति, बल और ऊर्जा के संबंध को समझने में किया जाता है।