दूर से सुंदर
दूर से देखने पर सुंदर लगने वालापहाड़ दूर से तो बहुत सुंदर लगते हैं, लेकिन पास जाने पर उनका असली रूप पता चलता है।
पहाड़ दूर से देखने में आकर्षक लगते हैं, मगर उनके वास्तविक स्वरूप को निकट जाने पर ही समझा जा सकता है।
ऐसा व्यक्ति या वस्तु जो दूर से देखने पर सुंदर दिखाई दे, मगर पास जाने पर उसका असली रूप स्पष्ट हो जाता है।
उसके चेहरे की सुंदरता दूर से सुंदर थी, मगर पास आने पर उसके चेहरे पर झुर्रियाँ दिखाई देने लगीं।
उसके चेहरे की ख़ूबसूरती दूर से देखने में मनमोहक लगती थी, लेकिन जब वह करीब आया, तो उसकी उम्र के निशान साफ़ दिखने लगे।
वह दूर से सुंदर लगती है, मगर बात करने पर उसका असली व्यक्तित्व सामने आता है।
वह दूर से देखने में आकर्षक लग सकती है, लेकिन जब बातचीत होती है, तो उसके असली स्वभाव का पता चलता है।
यह वाक्यांश अक्सर किसी व्यक्ति, वस्तु या दृश्य के बाहरी आकर्षण और वास्तविक स्थिति के बीच के अंतर को व्यक्त करने के लिए प्रयोग किया जाता है।
शब्द संयोजन
समानार्थी शब्द
विलोम शब्द
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विशेष सुझाव
वाक्यांश का सही प्रयोग
इस वाक्यांश का प्रयोग तब करें जब आप किसी व्यक्ति, वस्तु या दृश्य के बाहरी आकर्षण और उसके वास्तविक स्वरूप के बीच के अंतर को व्यक्त करना चाहते हों। उदाहरण के लिए, 'उसकी तस्वीर दूर से सुंदर थी, मगर असली तस्वीर देखने पर निराशा हुई।'
स्वर्णिम नियम
वाक्यांश की संरचना
इस वाक्यांश में 'दूर से' क्रिया-विशेषण है और 'सुंदर' विशेषण है। इसका प्रयोग संज्ञा या सर्वनाम के साथ किया जाता है।
शब्द की उत्पत्ति
यह हिंदी का एक सामान्य वाक्यांश है जिसका निर्माण 'दूर से' (दूरी से) और 'सुंदर' (खूबसूरत) शब्दों के मेल से हुआ है। इसका प्रयोग साहित्यिक और बोलचाल की भाषा दोनों में किया जाता है।
उपयोग नोट्स
इस वाक्यांश का प्रयोग अक्सर किसी व्यक्ति, वस्तु या दृश्य के बाहरी आकर्षण और उसके वास्तविक स्वरूप के बीच के अंतर को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग सकारात्मक और नकारात्मक दोनों संदर्भों में किया जा सकता है।