दूर की बात सुहावनी
dūr kī bāt suhāvnīऐसी बात या कल्पना जो वास्तविकता से दूर हो, पर मन को अच्छी लगती हो।
उसने दूर की बात सुहावनी कहकर अपनी असफलता को छिपाया।
उसने अपनी असफलता को स्वीकार करने के बजाय दूर की कल्पनाओं का सहारा लिया।
दूर की बात सुहावनी होती है, परंतु उसे पूरा करना मुश्किल होता है।
कल्पनाएँ मन को भाती हैं, मगर उन्हें साकार करना कठिन होता है।
इस मुहावरे का प्रयोग उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ व्यक्ति वास्तविकता से बचने के लिए दूर की कल्पनाओं का सहारा लेता है।
संबंधित वाक्यांश
💡विशेष सुझाव
वास्तविकता से जुड़े रहें
इस मुहावरे का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि यह वास्तविकता से दूर की कल्पनाओं को व्यक्त करता है। इसलिए, व्यावहारिक योजनाएँ बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
⚡स्वर्णिम नियम
मुहावरे का सही संदर्भ
इस मुहावरे का प्रयोग उन स्थितियों में करें जहाँ व्यक्ति अपनी असफलता या कठिनाई को स्वीकार करने के बजाय दूर की कल्पनाओं में खो जाता है।
📖शब्द की उत्पत्ति
यह मुहावरा हिंदी साहित्य में प्राचीन काल से प्रचलित है। 'दूर की बात' का अर्थ है ऐसी बात जो वास्तविकता से बहुत दूर हो, और 'सुहावनी' का अर्थ है मन को अच्छी लगने वाली। इस प्रकार पूरा मुहावरा उन कल्पनाओं को व्यक्त करता है जो मन को तो अच्छी लगती हैं, परंतु व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होतीं।
📝उपयोग नोट्स
इस मुहावरे का प्रयोग आमतौर पर तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति अपनी असफलता या कठिनाई को स्वीकार करने के बजाय दूर की कल्पनाओं में खो जाता है। इसका प्रयोग आत्म-प्रेरणा या दूसरों की आलोचना के संदर्भ में भी किया जा सकता है।