दूर की चीज सुहावनी
दूर की वस्तु आकर्षक लग सकती हैजब वह शहर छोड़कर दूर चला गया, तब उसकी यादें सुहावनी लगने लगीं।
जब कोई वस्तु या व्यक्ति दूर हो जाता है, तो उसकी खूबियाँ मन को अच्छी लगने लगती हैं।
जब कोई वस्तु या व्यक्ति दूर हो जाता है, तो उसकी अच्छाइयाँ मन को अधिक आकर्षक लगने लगती हैं।
उसकी यादें दूर की चीज सुहावनी हो गईं।
जैसे-जैसे समय बीतता गया, उसकी कमी और अच्छी लगने लगी।
दूर की चीज सुहावनी होती है, यही प्रकृति का नियम है।
कभी-कभी दूर रहने से वस्तु या व्यक्ति के प्रति लगाव बढ़ जाता है।
इस मुहावरे का प्रयोग उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ दूर रहने से वस्तु या व्यक्ति के प्रति लगाव बढ़ जाता है।
शब्द संयोजन
समानार्थी शब्द
संबंधित वाक्यांश
विशेष सुझाव
वाक्य में प्रयोग
इस मुहावरे का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि इसका अर्थ मनोवैज्ञानिक लगाव से जुड़ा है। उदाहरण: 'उसकी यादें दूर की चीज सुहावनी हो गईं।'
स्वर्णिम नियम
मुहावरे का सही प्रयोग
इस मुहावरे का प्रयोग उन स्थितियों में करें जहाँ दूर रहने से वस्तु या व्यक्ति के प्रति लगाव बढ़ जाता है। इसका प्रयोग साहित्यिक और भावनात्मक संदर्भों में अधिक होता है।
शब्द की उत्पत्ति
यह मुहावरा हिंदी साहित्य और लोकजीवन से लिया गया है। इसमें 'दूर' का अर्थ है 'अनुपस्थित' या 'दूरस्थ' और 'सुहावनी' का अर्थ है 'मनभावन' या 'आकर्षक'। इसका मूल भाव यह है कि जब कोई वस्तु या व्यक्ति दूर होता है, तो उसकी अच्छाइयाँ मन को अधिक आकर्षक लगने लगती हैं।
उपयोग नोट्स
इस मुहावरे का प्रयोग उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ दूर रहने से वस्तु या व्यक्ति के प्रति लगाव बढ़ जाता है। इसका प्रयोग साहित्य, कविता और दैनिक बोलचाल में किया जाता है।