दूर की चीज सुहावनी

/duːr kiː tʃiːz suhaːvniː/कहावत
दूर की वस्तु आकर्षक लग सकती है

जब वह शहर छोड़कर दूर चला गया, तब उसकी यादें सुहावनी लगने लगीं।

जब कोई वस्तु या व्यक्ति दूर हो जाता है, तो उसकी खूबियाँ मन को अच्छी लगने लगती हैं।


असली अर्थ
जब कोई वस्तु या व्यक्ति दूर हो जाता है, तो उसकी अच्छाइयाँ मन को अधिक आकर्षक लगने लगती हैं।
शाब्दिक अर्थ
दूर स्थित वस्तु मन को अच्छी लग सकती है।
शाब्दिक विश्लेषण
दूरअनुपस्थित या दूरस्थ+की चीजवह वस्तु जो दूर हो+सुहावनीमनभावन या आकर्षक
मानसिक चित्र
इस मुहावरे में दूर स्थित वस्तु को मनभावन बताने से मानव मन की प्रवृत्ति को दर्शाया गया है कि दूर की वस्तुएँ मन को अधिक आकर्षित करती हैं।
उपयोग परिदृश्य
जब कोई व्यक्ति अपने प्रियजन से दूर रहता है, तो उसकी यादें और अच्छाइयाँ मन को अधिक आकर्षक लगने लगती हैं।
सांस्कृतिक नोट
यह मुहावरा हिंदी साहित्य और लोकजीवन में प्रचलित है। इसका प्रयोग उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ दूर रहने से वस्तु या व्यक्ति के प्रति लगाव बढ़ जाता है।
साहित्यिक

जब कोई वस्तु या व्यक्ति दूर हो जाता है, तो उसकी अच्छाइयाँ मन को अधिक आकर्षक लगने लगती हैं।

उसकी यादें दूर की चीज सुहावनी हो गईं।

जैसे-जैसे समय बीतता गया, उसकी कमी और अच्छी लगने लगी।

दूर की चीज सुहावनी होती है, यही प्रकृति का नियम है।

कभी-कभी दूर रहने से वस्तु या व्यक्ति के प्रति लगाव बढ़ जाता है।

इस मुहावरे का प्रयोग उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ दूर रहने से वस्तु या व्यक्ति के प्रति लगाव बढ़ जाता है।

शब्द संयोजन

दूर की चीज़चीज़ जो दूर होसुहावनी लगनाअच्छी लगना या मनभावन लगना

संबंधित वाक्यांश

दूर के ढोल सुहावनेकहावत
जब कोई वस्तु दूर होती है, तो उसकी अच्छाइयाँ मन को अधिक आकर्षक लगने लगती हैं।
दूर का सुखवाक्यांश
दूर रहने से वस्तु या व्यक्ति के प्रति लगाव बढ़ जाना।

विशेष सुझाव

वाक्य में प्रयोग

इस मुहावरे का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि इसका अर्थ मनोवैज्ञानिक लगाव से जुड़ा है। उदाहरण: 'उसकी यादें दूर की चीज सुहावनी हो गईं।'

स्वर्णिम नियम

मुहावरे का सही प्रयोग

इस मुहावरे का प्रयोग उन स्थितियों में करें जहाँ दूर रहने से वस्तु या व्यक्ति के प्रति लगाव बढ़ जाता है। इसका प्रयोग साहित्यिक और भावनात्मक संदर्भों में अधिक होता है।

शब्द की उत्पत्ति

यह मुहावरा हिंदी साहित्य और लोकजीवन से लिया गया है। इसमें 'दूर' का अर्थ है 'अनुपस्थित' या 'दूरस्थ' और 'सुहावनी' का अर्थ है 'मनभावन' या 'आकर्षक'। इसका मूल भाव यह है कि जब कोई वस्तु या व्यक्ति दूर होता है, तो उसकी अच्छाइयाँ मन को अधिक आकर्षक लगने लगती हैं।

उपयोग नोट्स

इस मुहावरे का प्रयोग उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ दूर रहने से वस्तु या व्यक्ति के प्रति लगाव बढ़ जाता है। इसका प्रयोग साहित्य, कविता और दैनिक बोलचाल में किया जाता है।

शब्द विश्लेषण

दूर
अनुपस्थित या दूरस्थ
adjective
+
की
संबंध सूचक
postposition
+
चीज
वस्तु
noun
+
सुहावनी
मनभावन या आकर्षक
adjective
हिन्दी शब्दकोश