जिसकी लाठी, उसी की रस्सी
/d͡ʒɪskʰiː lɑːʈʰiː, usiː kiː rəsːiː/जहाँ शक्ति या अधिकार होता है, वहाँ उसी व्यक्ति या समूह के नियम चलते हैं।
कार्यालय में नया बॉस आया है, अब वही अपनी मनमानी चलाएगा। किसकी लाठी, उसी की रस्सी।
नए बॉस के पास अधिकार है, इसलिए वही अपने तरीके से काम करवाएगा।
गाँव के मुखिया ने अपने बेटे को ही अगला मुखिया बना दिया। किसकी लाठी, उसी की रस्सी।
मुखिया के पास शक्ति थी, इसलिए उसने अपने परिवार के हित में फैसला लिया।
इस मुहावरे का प्रयोग उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ किसी व्यक्ति या समूह के पास नियंत्रण या शक्ति होती है और वे अपने अनुसार नियम लागू करते हैं।
शब्द संयोजन
समानार्थी शब्द
संबंधित वाक्यांश
💡विशेष सुझाव
प्रयोग का समय
इस मुहावरे का प्रयोग तब करें जब किसी व्यक्ति या समूह द्वारा शक्ति का दुरुपयोग किया जा रहा हो।
⚡स्वर्णिम नियम
सही संदर्भ
इस मुहावरे का प्रयोग केवल उन स्थितियों में करें जहाँ शक्ति या अधिकार का दुरुपयोग स्पष्ट हो।
📖शब्द की उत्पत्ति
यह मुहावरा ग्रामीण जीवन से उत्पन्न हुआ है जहाँ लाठी का प्रयोग शक्ति का प्रतीक माना जाता था। जहाँ जिसके पास लाठी होती थी, वही अपनी मनमानी कर सकता था। कालांतर में इसका प्रयोग शक्ति और अधिकार के संदर्भ में होने लगा।
📝उपयोग नोट्स
इस मुहावरे का प्रयोग प्रायः नकारात्मक संदर्भ में किया जाता है जहाँ शक्ति का दुरुपयोग किया जा रहा हो। इसका प्रयोग सामाजिक, राजनीतिक या कार्यस्थल के संदर्भ में किया जा सकता है।