खाक छानना
व्यर्थ प्रयास करनावह पूरे शहर में खाक छान चुका है मगर उसका भाई मिला ही नहीं।
उसने बहुत प्रयास किया मगर कुछ हासिल नहीं हुआ।
बिना सफलता के अथक प्रयास करना
तुम तो बस खाक ही छान रहे हो, कुछ ठोस काम करो।
तुम बेकार प्रयास कर रहे हो, कोई वास्तविक काम करो।
इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति निरंतर प्रयास करता रहता है मगर उसे सफलता नहीं मिलती।
संबंधित वाक्यांश
विशेष सुझाव
मुहावरे का सही प्रयोग
जब किसी के प्रयासों का कोई परिणाम न निकल रहा हो, तो 'खाक छानना' मुहावरे का प्रयोग करें। उदाहरण: 'उसने नौकरी के लिए खाक छान ली मगर कुछ हाथ नहीं आया।'
स्वर्णिम नियम
मुहावरे की प्रकृति
'खाक छानना' मुहावरा व्यर्थ प्रयास को दर्शाता है। इसका प्रयोग केवल निराशाजनक स्थितियों में ही करें।
शब्द की उत्पत्ति
यह मुहावरा फारसी शब्द 'खाक' (मिट्टी/धूल) और 'छानना' (छानना/ढूंढना) से बना है। इसका शाब्दिक अर्थ है 'मिट्टी को छानना' जो व्यर्थ प्रयास का प्रतीक है।
उपयोग नोट्स
इस मुहावरे का प्रयोग मुख्यतः निराशाजनक अथवा निरर्थक प्रयासों के संदर्भ में किया जाता है। इसका प्रयोग बोलचाल की भाषा में अधिक होता है।