अस्तित्व
astitvकिसी वस्तु या जीव का होना, विद्यमान होना।
मानव का अस्तित्व पृथ्वी पर लाखों वर्षों से है।
मनुष्य पृथ्वी पर बहुत समय से जीवित है।
ईश्वर के अस्तित्व पर अनेक मत हैं।
भगवान के होने या न होने पर विभिन्न विचार हैं।
अस्तित्व का प्रयोग अक्सर दार्शनिक, धार्मिक और वैज्ञानिक संदर्भों में किया जाता है।
किसी वस्तु या व्यक्ति की सत्ता, पहचान।
उसके लेखन में एक अलग अस्तित्व झलकता है।
उसकी लेखनी में एक अनूठी पहचान दिखाई देती है।
शब्द संयोजन
समानार्थी शब्द
संबंधित वाक्यांश
💡विशेष सुझाव
अस्तित्व और सत्ता में अंतर
अस्तित्व का अर्थ है 'होना' जबकि सत्ता का अर्थ है 'शक्ति या अधिकार'। उदाहरण: 'भगवान का अस्तित्व है' (होना) और 'राजा की सत्ता है' (शक्ति)।
⚡स्वर्णिम नियम
अस्तित्व का प्रयोग
अस्तित्व का प्रयोग मुख्यतः उन चीज़ों के लिए किया जाता है जिन्हें देखा या अनुभव नहीं किया जा सकता, जैसे ईश्वर, आत्मा, या अमूर्त विचार।
📖शब्द की उत्पत्ति
अस्तित्व संस्कृत शब्द 'अस्ति' (होना) से बना है, जिसमें 'त्व' प्रत्यय जोड़कर भाववाचक संज्ञा बनाई गई है।
📝उपयोग नोट्स
अस्तित्व का प्रयोग मुख्यतः दार्शनिक, धार्मिक और वैज्ञानिक विमर्श में होता है। इसका प्रयोग व्यक्तिगत पहचान या सत्ता के संदर्भ में भी किया जाता है।