逆進的課税
प्रतिगामी कराधान日本では消費税は逆進的な課税とみなされている。
जापान में उपभोग कर को प्रतिगामी कराधान माना जाता है।
आय में वृद्धि होने पर कर की दर में कमी आने वाला कर प्रणाली
逆進的課税は低所得者に不利に働くため、再分配政策の観点から問題視されることが多い。
प्रतिगामी कर प्रणाली निम्न आय वर्ग के लिए हानिकारक होती है, इसलिए पुनर्वितरण नीति के दृष्टिकोण से इसे अक्सर समस्याग्रस्त माना जाता है।
इस प्रणाली में कर दर आय के बढ़ने के साथ घटती है, जिससे धनी वर्ग पर कर का बोझ कम पड़ता है।
संबंधित वाक्यांश
विशेष सुझाव
प्रतिगामी कर बनाम प्रगतिशील कर
प्रतिगामी कर में कर दर आय बढ़ने पर घटती है जबकि प्रगतिशील कर में बढ़ती है। उदाहरण के लिए, उपभोग कर (जीएसटी) प्रतिगामी होता है क्योंकि धनी और गरीब दोनों समान दर से कर देते हैं, जबकि आय कर प्रगतिशील होता है।
स्वर्णिम नियम
कर प्रणाली का वर्गीकरण
कर प्रणाली तीन प्रकार की होती है: प्रतिगामी (आय बढ़ने पर कर दर घटती है), आनुपातिक (आय के समान अनुपात में कर), और प्रगतिशील (आय बढ़ने पर कर दर बढ़ती है)।
शब्द की उत्पत्ति
逆進 (ぎゃくしん, 'प्रतिगामी') + 的 (てき, '-पूर्ण') + 課税 (かぜい, 'कराधान')। 'प्रतिगामी' शब्द संस्कृत मूल का है जिसका अर्थ है 'पीछे की ओर बढ़ना'।
उपयोग नोट्स
यह शब्द मुख्यतः अर्थशास्त्र और कर नीति के संदर्भ में प्रयुक्त होता है। आम बोलचाल में इसका प्रयोग कम होता है।