मुँह में राम, बगल में छुरी
दो मुखी व्यवहारउस आदमी ने मुझसे मुस्कुराते हुए कहा, 'तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूँ', पर उसी शाम उसने मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा। सचमुच मुँह में राम, बगल में छुरी वाला आदमी है।
व्यक्ति ने मीठे शब्दों से बात की लेकिन साथ ही मेरे खिलाफ गुप्त तरीके से काम किया।
ऐसा व्यक्ति जो दिखावे में अत्यंत भला और धर्मात्मा हो परंतु वास्तव में छुपे हुए षड्यंत्र या बुरे इरादे रखता हो।
राजनेता मुँह में राम, बगल में छुरी वाला होता है।
राजनेता धर्मात्मा होने का दिखावा करता है लेकिन वास्तव में लोगों को धोखा देने की योजनाएँ बनाता है।
उसके दोस्त ने कहा, 'मैं तुम्हारा सबसे अच्छा दोस्त हूँ', पर उसने ही तुम्हारे खिलाफ सबूत छुपाए। सचमुच मुँह में राम, बगल में छुरी वाला है।
मित्र ने विश्वास दिलाया लेकिन वास्तव में उसने तुम्हारे खिलाफ षड्यंत्र किया।
यह मुहावरा उन व्यक्तियों के लिए प्रयुक्त होता है जो बाहरी रूप से बहुत अच्छे दिखाई देते हैं लेकिन उनके मन में दूसरों को नुकसान पहुँचाने की भावना होती है।
शब्द संयोजन
समानार्थी शब्द
संबंधित वाक्यांश
विशेष सुझाव
वाक्य रचना में ध्यान दें
इस मुहावरे का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि इसका प्रयोग उन व्यक्तियों के लिए किया जाता है जो दिखावे में अच्छे होते हैं पर वास्तव में बुरे इरादे रखते हैं।
स्वर्णिम नियम
व्यक्ति विशेष के लिए प्रयोग
इस मुहावरे का प्रयोग केवल व्यक्तियों के लिए किया जाता है, वस्तुओं या घटनाओं के लिए नहीं।
दिखावे और वास्तविकता का अंतर
इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति का बाहरी व्यवहार अत्यंत अच्छा दिखाई देता है, लेकिन वास्तविकता में उसके मन में दूसरों को नुकसान पहुँचाने की भावना होती है।
शब्द की उत्पत्ति
यह मुहावरा हिन्दी साहित्य और लोकजीवन से लिया गया है, जहाँ 'राम' भगवान राम का प्रतीक है जो सदाचार और धर्म का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि 'छुरी' हिंसा और षड्यंत्र का। इस मुहावरे का अर्थ है कि व्यक्ति दिखावे में धर्मात्मा है पर वास्तव में उसके मन में बुराई है।
उपयोग नोट्स
इस मुहावरे का प्रयोग उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ किसी व्यक्ति का व्यवहार अत्यंत मधुर और धर्मात्मा होने का दिखावा करता हो, लेकिन वास्तव में उसके मन में दूसरों को नुकसान पहुँचाने की भावना होती है। इसका प्रयोग मुख्यतः व्यक्तियों के लिए किया जाता है, न कि वस्तुओं या घटनाओं के लिए।