नाकों चने चबवाना

/nɑːkoːn tʃəneː tʃəbʋɑːnɑː/मुहावरा
बुरी तरह से परेशान करना

उसने अपने बॉस को इतना परेशान कर दिया कि उसने उसे नाकों चने चबवा दिए।

उसके व्यवहार के कारण उसके बॉस ने उसे बहुत कठोरता से दंडित किया।


असली अर्थ
किसी को अत्यंत कठिनाई या परेशानी में डाल देना
शाब्दिक अर्थ
नाक के माध्यम से चने चबाने के लिए मजबूर करना
शाब्दिक विश्लेषण
नाकोंनाक के रास्ते+चनेचना नामक दाना+चबवानाचबाने के लिए विवश करना
मानसिक चित्र
एक ऐसी स्थिति जहाँ किसी को अत्यंत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा हो, जैसे नाक से चने चबाने पड़ रहे हों।
उपयोग परिदृश्य
जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को इतनी कठिनाई में डाल देता है कि वह बिल्कुल निराश हो जाता है।
सांस्कृतिक नोट
यह मुहावरा भारतीय संस्कृति में कठिनाई और परेशानी को व्यक्त करने के लिए प्रयोग किया जाता है।
अनौपचारिक

किसी को अत्यंत कठिनाई या परेशानी में डाल देना

उसके सवालों ने मुझे नाकों चने चबवा दिए।

उसके कठिन सवालों से मैं बहुत परेशान हो गया।

उसने अपने दोस्त को नाकों चने चबवा दिए जब उसने उसकी गोपनीय बात सबको बता दी।

उसके दोस्त ने उसकी गोपनीय बात सबको बताकर उसे बहुत कठिनाई में डाल दिया।

इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे को अत्यंत कठिनाई या परेशानी में डाल देता है।

शब्द संयोजन

नाकों चने चबानाबुरी तरह से परेशान होना

संबंधित वाक्यांश

नाक में दम कर देनामुहावरा
किसी को बहुत परेशान कर देना
जान से मारनामुहावरा
किसी को बहुत कठिनाई में डाल देना

विशेष सुझाव

प्रयोग का समय

इस मुहावरे का प्रयोग तब करें जब किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे को अत्यंत कठिनाई या परेशानी में डाला गया हो।

स्वर्णिम नियम

मुहावरे का अर्थ

नाकों चने चबवाना का अर्थ 'बुरी तरह से परेशान करना' है, नाक से चने चबाने के कठिनाई वाले अर्थ से नहीं।

शब्द की उत्पत्ति

इस मुहावरे की उत्पत्ति संस्कृत के 'नासिका' (नाक) और 'चण' (चना) से हुई है। इसका शाब्दिक अर्थ है 'नाक से चने चबवाना', जो अत्यंत कठिनाई का प्रतीक है।

उपयोग नोट्स

इस मुहावरे का प्रयोग मुख्यतः कठिनाई या परेशानी के संदर्भ में किया जाता है। इसका प्रयोग बोलचाल की भाषा में अधिक होता है।

शब्द विश्लेषण

नाकों
नाक के माध्यम से
postposition
+
चने
चना (एक प्रकार का दाना)
noun
+
चबवाना
चबाने के लिए मजबूर करना
verb
हिन्दी शब्दकोश