नाकों चने चबवाना
बुरी तरह से परेशान करनाउसने अपने बॉस को इतना परेशान कर दिया कि उसने उसे नाकों चने चबवा दिए।
उसके व्यवहार के कारण उसके बॉस ने उसे बहुत कठोरता से दंडित किया।
किसी को अत्यंत कठिनाई या परेशानी में डाल देना
उसके सवालों ने मुझे नाकों चने चबवा दिए।
उसके कठिन सवालों से मैं बहुत परेशान हो गया।
उसने अपने दोस्त को नाकों चने चबवा दिए जब उसने उसकी गोपनीय बात सबको बता दी।
उसके दोस्त ने उसकी गोपनीय बात सबको बताकर उसे बहुत कठिनाई में डाल दिया।
इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे को अत्यंत कठिनाई या परेशानी में डाल देता है।
संबंधित वाक्यांश
विशेष सुझाव
प्रयोग का समय
इस मुहावरे का प्रयोग तब करें जब किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे को अत्यंत कठिनाई या परेशानी में डाला गया हो।
स्वर्णिम नियम
मुहावरे का अर्थ
नाकों चने चबवाना का अर्थ 'बुरी तरह से परेशान करना' है, नाक से चने चबाने के कठिनाई वाले अर्थ से नहीं।
शब्द की उत्पत्ति
इस मुहावरे की उत्पत्ति संस्कृत के 'नासिका' (नाक) और 'चण' (चना) से हुई है। इसका शाब्दिक अर्थ है 'नाक से चने चबवाना', जो अत्यंत कठिनाई का प्रतीक है।
उपयोग नोट्स
इस मुहावरे का प्रयोग मुख्यतः कठिनाई या परेशानी के संदर्भ में किया जाता है। इसका प्रयोग बोलचाल की भाषा में अधिक होता है।