दोहरा चरित्र
दो अलग-अलग व्यवहार वालावह एक दोहरा चरित्र वाला व्यक्ति है।
वह व्यक्ति अलग-अलग लोगों के साथ अलग-अलग व्यवहार करता है।
जिस व्यक्ति का व्यवहार अलग-अलग परिस्थितियों में बदल जाता है और वह अपने वास्तविक स्वभाव को छुपाता है।
उसका दोहरा चरित्र सबके सामने आया जब उसने अफसरों के सामने मीठी-मीठी बातें कीं और अपने कर्मचारियों के साथ कठोर व्यवहार किया।
उसके व्यवहार में विपरीतता थी: अफसरों के सामने वह विनम्र था, पर कर्मचारियों के साथ कठोर।
राजनेता अक्सर दोहरे चरित्र के होते हैं, जो जनता के सामने एक चेहरा दिखाते हैं और निजी तौर पर दूसरा।
राजनेता जनता के सामने एक आदर्शवादी छवि पेश करते हैं, पर निजी जीवन में अलग व्यवहार करते हैं।
इस शब्द का प्रयोग उन लोगों के लिए किया जाता है जो अपने असली स्वभाव को छुपाते हैं और परिस्थिति के अनुसार व्यवहार बदलते हैं।
शब्द संयोजन
संबंधित वाक्यांश
विशेष सुझाव
व्यावहारिक अंतर
‘दोहरा चरित्र’ और ‘कपटी’ में अंतर समझें। ‘कपटी’ शब्द का प्रयोग उन लोगों के लिए किया जाता है जो जानबूझकर दूसरों को धोखा देते हैं, जबकि ‘दोहरा चरित्र’ शब्द उन लोगों के लिए प्रयोग होता है जिनका व्यवहार परिस्थिति के अनुसार बदलता रहता है।
स्वर्णिम नियम
संदर्भ समझें
‘दोहरा चरित्र’ शब्द का प्रयोग तब करें जब व्यक्ति के व्यवहार में स्पष्ट विपरीतता दिखाई दे। केवल थोड़ा-बहुत बदलाव दिखाने वाले लोगों के लिए इस शब्द का प्रयोग न करें।
शब्द की उत्पत्ति
‘दोहरा’ संस्कृत मूल का शब्द है जिसका अर्थ होता है ‘दो बार’ या ‘दुगुना’। ‘चरित्र’ भी संस्कृत से आया है जिसका अर्थ होता है ‘स्वभाव’ या ‘व्यवहार’। दोनों शब्दों के मिलने से ‘दोहरा चरित्र’ शब्द बना जिसका अर्थ होता है ‘दो अलग-अलग व्यवहार वाला व्यक्ति’।
उपयोग नोट्स
इस शब्द का प्रयोग नकारात्मक अर्थ में किया जाता है। इसका उपयोग उन लोगों के लिए किया जाता है जो अपने असली स्वभाव को छुपाते हैं और परिस्थिति के अनुसार व्यवहार बदलते हैं।