दूध का दूध और पानी का पानी
निष्पक्ष न्यायन्यायाधीश को चाहिए कि वह दूध का दूध और पानी का पानी कर दे।
न्यायाधीश को निर्णय करते समय पूरी सच्चाई और स्पष्टता दिखानी चाहिए।
किसी मामले में पूरी सच्चाई और स्पष्टता से न्याय करना।
उस मामले में जज ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया।
जज ने मामले की पूरी सच्चाई सामने रखी और न्याय किया।
तुम्हें इस झगड़े में दूध का दूध और पानी का पानी करना होगा।
तुम्हें इस विवाद को पूरी ईमानदारी से सुलझाना होगा।
इस मुहावरे का प्रयोग उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ किसी मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
शब्द संयोजन
समानार्थी शब्द
संबंधित वाक्यांश
विशेष सुझाव
मुहावरे का सही प्रयोग
इस मुहावरे का प्रयोग तब करें जब किसी मामले में पूरी सच्चाई सामने आए या पक्षपात रहित न्याय हो। उदाहरण के लिए, 'उसने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया' का अर्थ है उसने पूरी सच्चाई सामने रखी।
स्वर्णिम नियम
मुहावरे की संरचना
इस मुहावरे में 'दूध का दूध' और 'पानी का पानी' दोनों भाग समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। दोनों का अर्थ है शुद्ध और असंशोधित वस्तु।
शब्द की उत्पत्ति
यह मुहावरा संस्कृत से आया है जहाँ 'दुग्धस्य दुग्धम्' (दूध का दूध) और 'जलस्य जलम्' (पानी का पानी) का अर्थ है शुद्ध और असंशोधित। हिंदी में इसका प्रयोग न्यायिक सच्चाई को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
उपयोग नोट्स
इस मुहावरे का प्रयोग मुख्यतः न्यायिक या नैतिक मामलों में किया जाता है जहाँ किसी को पूरी सच्चाई सामने लानी हो। इसका प्रयोग व्यक्तिगत विवादों में भी हो सकता है जहाँ पक्षपात रहित न्याय की आवश्यकता हो।