जैसा देश वैसी संस्कृति
देश की प्रकृति के अनुसार उसकी संस्कृतिभारत जैसे देश में विविधता में एकता की संस्कृति है, जबकि अमेरिका जैसे देश में व्यक्तिवादिता अधिक है। इसलिये कहा जाता है, जैसा देश वैसी संस्कृति।
भारत जैसे देश में सामाजिक एकता और विविधता का सम्मान प्रमुख है, जबकि अमेरिका जैसे देश में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और व्यक्तिवादिता पर अधिक जोर दिया जाता है।
किसी देश अथवा समाज की संस्कृति वहाँ के भौगोलिक, ऐतिहासिक, सामाजिक और राजनीतिक परिवेश के अनुसार विकसित होती है।
जहाँ के लोग शांतिप्रिय होंगे, वहाँ की संस्कृति भी शांतिप्रिय होगी। इसलिये कहा जाता है, जैसा देश वैसी संस्कृति।
जहाँ के निवासी शांतिप्रिय होंगे, वहाँ की सांस्कृतिक परंपराएँ भी शांतिप्रियता को बढ़ावा देंगी।
यह कहावत सामाजिक-सांस्कृतिक अध्ययन में अक्सर उद्धृत की जाती है।
शब्द संयोजन
समानार्थी शब्द
संबंधित वाक्यांश
विशेष सुझाव
वाक्य में प्रयोग
इस कहावत का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि यह किसी देश अथवा समाज की सांस्कृतिक विशेषताओं को समझाने के लिये है, न कि किसी व्यक्ति विशेष को लक्षित करने के लिये।
स्वर्णिम नियम
सांस्कृतिक विविधता
इस कहावत का प्रयोग करते समय यह ध्यान रखना आवश्यक है कि किसी देश अथवा समाज की संस्कृति वहाँ के निवासियों की मान्यताओं, मूल्यों और परंपराओं पर आधारित होती है।
शब्द की उत्पत्ति
यह एक पारंपरिक हिंदी कहावत है जिसका उद्गम संस्कृत के 'यथा देश तथा संस्कृतिः' से हुआ है। इसका प्रयोग भारतीय साहित्य और लोक साहित्य में सदियों से होता आ रहा है।
उपयोग नोट्स
इस कहावत का प्रयोग किसी देश अथवा समाज की विशेषताओं के आधार पर उसकी सांस्कृतिक पहचान को समझाने के लिये किया जाता है। इसका प्रयोग नकारात्मक अथवा सकारात्मक दोनों संदर्भों में हो सकता है।