जिसकी लाठी, उसी का राज
बलवान का शासनगाँव में जब से बलवान व्यक्ति ने गाँव की कमान संभाली है, उसी की लाठी चल रही है।
बलवान व्यक्ति के शासन में उसके आदेश ही कानून बन गए हैं।
बलवान व्यक्ति या समूह द्वारा अपने प्रभाव का प्रयोग करके अपने मनमाने तरीके से शासन करना।
उसके ऑफिस में जिसकी लाठी, उसी का राज चलता है।
वहाँ केवल वही व्यक्ति निर्णय ले सकता है जिसके पास शक्ति है।
गाँव में मुखिया के बेटे ने गाँव पर अपना अधिकार जमा लिया है, अब उसी की लाठी, उसी का राज है।
मुखिया के बेटे ने अपने बल का प्रयोग करके गाँव पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है।
यह कहावत शक्ति के असमान वितरण और उसके दुरुपयोग पर आधारित है।
शब्द संयोजन
समानार्थी शब्द
संबंधित वाक्यांश
विशेष सुझाव
सही संदर्भ में प्रयोग करें
इस कहावत का प्रयोग केवल उन स्थितियों में करें जहाँ शक्ति का असमान वितरण और उसका दुरुपयोग स्पष्ट हो।
स्वर्णिम नियम
शक्ति का दुरुपयोग
यह कहावत सदैव शक्ति के दुरुपयोग को दर्शाती है, न कि सामान्य शक्ति का प्रयोग।
शब्द की उत्पत्ति
यह कहावत भारतीय ग्रामीतीय समाज में सदियों से प्रचलित है जहाँ शासन का अधिकार बलवान व्यक्तियों के पास रहा है। 'लाठी' यहाँ शक्ति का प्रतीक है जबकि 'राज' शासन को दर्शाता है।
उपयोग नोट्स
इस कहावत का प्रयोग उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ शक्ति का असमान वितरण होता है और उसका दुरुपयोग किया जाता है। इसका प्रयोग नकारात्मक संदर्भ में ही किया जाता है।