जिसकी लाठी उसकी गाय
बलवान की ही चलती हैगाँव में जब झगड़ा हुआ, तो जिसकी लाठी उसकी गाय हुई।
जब शक्ति या ताकत का इस्तेमाल होता है, तो वही जीतता है जिसके पास बल है।
जहाँ ताकत या अधिकार का प्रयोग होता है, वहाँ उसी व्यक्ति की बात चलती है जिसके पास बल या प्रभाव होता है।
कंपनी में फैसला लेने का अधिकार केवल मालिक के पास है, क्योंकि जिसकी लाठी उसकी गाय।
कंपनी में मालिक के पास ही निर्णय लेने की शक्ति है क्योंकि वही सबसे प्रभावशाली है।
राजनीति में वही नेता सफल होता है जिसके पास ज्यादा समर्थन और संसाधन हों, क्योंकि जिसकी लाठी उसकी गाय।
राजनीति में ताकतवर नेता ही जीतता है क्योंकि वही अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सकता है।
यह कहावत शक्ति और अधिकार के असमान वितरण पर जोर देती है। इसका प्रयोग अक्सर उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ न्याय या समानता की कमी होती है।
समानार्थी शब्द
विलोम शब्द
संबंधित वाक्यांश
विशेष सुझाव
सही संदर्भ में प्रयोग करें
इस कहावत का प्रयोग उन स्थितियों में करें जहाँ शक्ति या अधिकार का असमान वितरण स्पष्ट हो। उदाहरण के लिए, कार्यालय में मालिक द्वारा किए गए फैसलों या राजनीतिक नेताओं द्वारा शक्ति के दुरुपयोग के संदर्भ में।
स्वर्णिम नियम
नकारात्मक अर्थ समझें
इस कहावत का अर्थ सदैव नकारात्मक होता है जहाँ न्याय या समानता की कमी होती है। इसका प्रयोग सावधानी से करें।
शब्द की उत्पत्ति
यह हिंदी की एक पुरानी कहावत है जो ग्रामीण समाज में पशुओं की देखभाल और सुरक्षा से जुड़ी हुई थी। जहाँ लाठी (डंडा) रखने वाला व्यक्ति अपनी गाय की रक्षा कर सकता था, वहीं वही उसकी गाय पर अपना अधिकार जता सकता था। कालांतर में यह कहावत शक्ति और अधिकार के असमान वितरण का प्रतीक बन गई।
उपयोग नोट्स
इस कहावत का प्रयोग उन स्थितियों में करें जहाँ शक्ति या अधिकार का असमान वितरण स्पष्ट रूप से दिखाई देता हो। ध्यान रखें कि इसका प्रयोग नकारात्मक अर्थ में किया जाता है जहाँ न्याय या समानता की कमी होती है।