जिसकी ताकत उसकी बात

jiskī tākat uskī bātकहावत
शक्ति और अधिकार का प्रदर्शन

जब तक उसके पास पद था, सब उसकी बात मानते थे, पर अब पद गया तो उसकी बात भी कोई नहीं सुनता।

जब तक किसी के पास शक्ति या अधिकार होता है, लोग उसकी बात मानते हैं, लेकिन शक्ति खो देने पर उसकी बात का कोई महत्व नहीं रहता।


असली अर्थ
शक्ति और अधिकार के आधार पर किसी की बात का महत्व और स्वीकार्यता निर्धारित होती है।
शाब्दिक अर्थ
जिस व्यक्ति के पास शक्ति होती है, उसी की बात का महत्व होता है।
शाब्दिक विश्लेषण
जिसकीजिस व्यक्ति या समूह की+ताकतशक्ति+उसकीउस व्यक्ति या समूह की+बातबात या विचार
औपचारिक

जिसके पास शक्ति होती है, उसी की बात का महत्व होता है और लोग उसका अनुसरण करते हैं।

राजनीतिक दलों में जिसकी ताकत ज्यादा होती है, उसकी बात सब मानते हैं।

राजनीतिक क्षेत्र में जिस दल का प्रभाव अधिक होता है, उसकी बात दूसरों द्वारा स्वीकार की जाती है।

कंपनी में जिस अधिकारी की ताकत ज्यादा होती है, उसकी बात सबको माननी पड़ती है।

किसी संगठन में जिस व्यक्ति का अधिकार अधिक होता है, उसकी बात को अनदेखा नहीं किया जा सकता।

यह मुहावरा शक्ति और अधिकार के असंतुलन पर आधारित है। इसका प्रयोग अक्सर राजनीतिक, सामाजिक या व्यावसायिक संदर्भ में किया जाता है।

शब्द संयोजन

ताकत दिखानाअपनी शक्ति का प्रदर्शन करनाबात माननाकिसी की बात स्वीकार करना

संबंधित वाक्यांश

जिसकी लाठी उसकी भैंसकहावत
जिसके पास शक्ति होती है, उसी का नियम चलता है।
अधिकार और कर्तव्यवाक्यांश
शक्ति के साथ-साथ जिम्मेदारी का भी महत्व होता है।

विशेष सुझाव

सही संदर्भ में प्रयोग करें

इस मुहावरे का प्रयोग उन स्थितियों में करें जहाँ शक्ति और अधिकार का सीधा संबंध हो। उदाहरण के लिए, राजनीतिक, सामाजिक या व्यावसायिक संदर्भ में।

स्वर्णिम नियम

शक्ति का असंतुलन

इस मुहावरे का प्रयोग शक्ति के असंतुलन को दर्शाने के लिए किया जाता है। इसका अर्थ है कि जिस व्यक्ति या समूह के पास शक्ति होती है, उसी की बात को दूसरों द्वारा स्वीकार किया जाता है।

शब्द की उत्पत्ति

यह हिंदी का एक लोकप्रिय मुहावरा है जिसका प्रयोग शक्ति और अधिकार के असंतुलन को दर्शाने के लिए किया जाता है। 'ताकत' का अर्थ शक्ति और 'बात' का अर्थ बात या विचार होता है। इस मुहावरे का प्रयोग सदियों से होता आ रहा है और यह समाज में शक्ति के असमान वितरण पर आधारित है।

उपयोग नोट्स

इस मुहावरे का प्रयोग उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ शक्ति और अधिकार का सीधा संबंध होता है। यह अक्सर उन संदर्भों में बोला जाता है जहाँ किसी व्यक्ति या समूह की बात दूसरों द्वारा केवल इसलिए मानी जाती है क्योंकि उनके पास शक्ति या अधिकार है। इसका प्रयोग नकारात्मक अर्थ में भी किया जा सकता है, जहाँ शक्ति के दुरुपयोग को दर्शाया जाता है।

शब्द विश्लेषण

जिसकी
जिस व्यक्ति या समूह की
relative pronoun
+
ताकत
शक्ति
noun
+
उसकी
उस व्यक्ति या समूह की
possessive pronoun
+
बात
बात या विचार
noun
हिन्दी शब्दकोश