चुप रहो

/tʃʊp rəɦoː/
चुप रहने के लिए कहना

चुप रहो, मत बोलो।

कुछ मत कहो, शांत रहो।


अनौपचारिक

किसी को चुप रहने या बोलने से रोकने के लिए कहा जाता है।

गुस्से में आकर उसने कहा, 'चुप रहो, सब सुन चुका हूँ!'

क्रोधित होकर उसने कहा, 'अब और मत बोलो, सब जान चुका हूँ!'

माँ ने बच्चे को डाँटते हुए कहा, 'चुप रहो, शोर मत करो।'

माँ ने बच्चे को चुप रहने को कहा क्योंकि वह शोर कर रहा था।

इस वाक्यांश का प्रयोग आमतौर पर किसी को रोकने, चुप रहने के लिए कहने या गुस्से में चुप रहने का आदेश देने के लिए किया जाता है।

शब्द संयोजन

चुप रहो मतमत चुप रहो, बोलोचुप रहो जीकृपया चुप रहिए

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विशेष सुझाव

प्रयोग का संदर्भ समझें

इस वाक्यांश का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि इसका स्वर और संदर्भ महत्वपूर्ण है। आक्रोश में इसका प्रयोग कठोर लगता है, जबकि अनुरोध में इसका प्रयोग विनम्र हो सकता है।

स्वर्णिम नियम

वाक्यांश का अर्थ

इस वाक्यांश का शाब्दिक अर्थ 'चुप रहो' है, लेकिन इसका प्रयोग आमतौर पर किसी को रोकने या चुप रहने के लिए कहने के लिए किया जाता है।

शब्द की उत्पत्ति

यह हिंदी भाषा का एक सामान्य वाक्यांश है। 'चुप' संस्कृत के 'स्तिमित' शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ है 'मौन'। 'रहो' क्रिया का प्रयोग आज्ञा देने के लिए किया जाता है।

उपयोग नोट्स

इस वाक्यांश का प्रयोग आमतौर पर आक्रोश, आदेश या अनुरोध के रूप में किया जाता है। इसका प्रयोग छोटे बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्गों तक सभी के साथ किया जा सकता है, लेकिन स्वर और संदर्भ के अनुसार इसका अर्थ बदल सकता है।

शब्द विश्लेषण

चुप
मौन, बिना बोले रहने की स्थिति
root
+
रहो
आज्ञा देने वाली क्रिया, 'रहना' का आदेशात्मक रूप
suffix
हिन्दी शब्दकोश