ऊँट के मुँह में जीरा

/ũʈ keː mũɦ mẽː d͡ʒiːɾaː/मुहावरा
अत्यधिक आवश्यकता के सामने बहुत कम उपलब्धि

उसके पास करोड़ों रुपये हैं, मगर जब उसने भूखे लोगों को खाना दिया तो बस एक रोटी ही दी — ऊँट के मुँह में जीरा जैसा लगा।

उसके द्वारा दिया गया योगदान अत्यधिक आवश्यकता के सामने बहुत कम था।


असली अर्थ
ऐसी स्थिति जहाँ आवश्यकता अथवा माँग बहुत अधिक हो और उपलब्ध संसाधन अत्यंत न्यून हो
शाब्दिक अर्थ
एक बड़े ऊँट के मुँह में एक छोटा जीरा डालना
शाब्दिक विश्लेषण
ऊँटएक विशाल जानवर+के मुँह मेंके मुख में+जीराएक छोटा दाना
मानसिक चित्र
एक विशाल ऊँट जिसके मुँह में एक छोटा जीरा डालने की कल्पना, जो उसकी भूख को शांत नहीं कर सकता। इससे अपर्याप्तता का भाव व्यक्त होता है।
उपयोग परिदृश्य
जब कोई व्यक्ति किसी गरीब व्यक्ति को थोड़ा सा खाना देता है, जबकि उसकी भूख बहुत अधिक है।
सांस्कृतिक नोट
यह मुहावरा भारतीय उपमहाद्वीप में प्रचलित है जहाँ ऊँट जैसे विशाल जानवरों के जीवन से संबंधित मुहावरे आमतौर पर अपर्याप्तता को व्यक्त करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।
अनौपचारिक

ऐसी स्थिति जहाँ आवश्यकता अथवा माँग बहुत अधिक हो और उपलब्ध संसाधन अत्यंत न्यून हो

उसके पास पैसे तो बहुत हैं, मगर जब उसने गरीबों को मदद दी तो सिर्फ एक कप चाय ही दिया — ऊँट के मुँह में जीरा जैसा लगा।

उसका योगदान अत्यधिक आवश्यकता के सामने बहुत कम था।

इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति द्वारा दी गई सहायता उसकी आवश्यकता के सामने बहुत छोटी और अपर्याप्त प्रतीत होती है।

संबंधित वाक्यांश

हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के औरमुहावरा
किसी वस्तु का वास्तविक उपयोग और दिखावा अलग-अलग होना
अंगूठा दिखानामुहावरा
मना करना या सहायता देने से इनकार करना

विशेष सुझाव

मुहावरे का सही प्रयोग

इस मुहावरे का प्रयोग तब करें जब किसी व्यक्ति द्वारा दी गई सहायता या योगदान उसकी आवश्यकता के सामने बहुत कम प्रतीत होता हो। उदाहरण: 'उसने पैसे तो बहुत दिए, मगर जब बीमारी का इलाज कराना था तो बस कुछ हज़ार रुपये ही दिए — ऊँट के मुँह में जीरा जैसा लगा।'

स्वर्णिम नियम

संदर्भ समझें

इस मुहावरे का प्रयोग केवल उन्हीं स्थितियों में करें जहाँ दी गई वस्तु या सहायता अपर्याप्त हो। इसका प्रयोग सामान्य योगदान के लिए नहीं किया जाता।

शब्द की उत्पत्ति

यह मुहावरा संस्कृत और हिंदी साहित्य से लिया गया है जहाँ ऊँट जैसे विशाल जानवर के मुँह में जीरा जैसा छोटा दाना डालने की कल्पना की गई है, जो उसकी भूख को शांत नहीं कर सकता। इससे यह भाव व्यक्त होता है कि दी गई वस्तु अत्यधिक आवश्यकता के सामने बहुत कम है।

उपयोग नोट्स

इस मुहावरे का प्रयोग आमतौर पर नकारात्मक अर्थ में किया जाता है जहाँ किसी व्यक्ति द्वारा दी गई सहायता या योगदान अपर्याप्त प्रतीत होता है। इसका प्रयोग सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत संदर्भों में किया जा सकता है।

शब्द विश्लेषण

ऊँट
एक बड़ा जानवर जो रेगिस्तान में पाया जाता है
noun
+
के मुँह में
के मुख में
postpositional phrase
+
जीरा
एक छोटा मसाला
noun
हिन्दी शब्दकोश