अब पछताए होत क्या

/əb pəʈəɑːeː hoːt kʰə/मुहावरा
बिना लाभ के पश्चाताप करना

तुमने गलती कर दी, अब पछताए होत क्या?

तुमने जो गलती कर दी है, उसका अब पश्चाताप करने से कोई लाभ नहीं होगा।


असली अर्थ
ऐसा पश्चाताप करना जो व्यर्थ हो क्योंकि देर हो चुकी है और स्थिति बदल चुकी है।
शाब्दिक अर्थ
अब पश्चाताप करने से क्या होगा?
शाब्दिक विश्लेषण
अबवर्तमान समय+पछताएपश्चाताप करना+होत क्याक्या होगा?
अनौपचारिक

ऐसा पश्चाताप करना जो व्यर्थ हो क्योंकि देर हो चुकी है और स्थिति बदल चुकी है।

उसने समय रहते काम नहीं किया, अब पछताए होत क्या?

उसने समय रहते काम नहीं किया, इसलिए अब पश्चाताप करने से कोई फायदा नहीं।

तुमने झूठ बोला और अब सच बताने लगे हो, अब पछताए होत क्या?

तुमने झूठ बोला और अब सच बताने लगे हो, लेकिन देर हो चुकी है।

इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति बहुत देर से अपनी गलती का एहसास करता है और अब उसके सुधारने का कोई मतलब नहीं रहता।

संबंधित वाक्यांश

अब तो हो गयी गलतीमुहावरा
अब गलती हो चुकी है, पश्चाताप व्यर्थ है
अब तो हो गयी बातमुहावरा
अब स्थिति बदल चुकी है, पश्चाताप बेकार है
देर आयद दुरुस्त आयदकहावत
देर से सुधारने का कोई मतलब नहीं

विशेष सुझाव

सही समय पर ध्यान दें

इस मुहावरे का अर्थ समझकर जीवन में समय रहते निर्णय लेने की आदत डालें। पश्चाताप करने से बेहतर है कि समय रहते गलतियों से बचा जाए।

स्वर्णिम नियम

मुहावरे का सही संदर्भ

इस मुहावरे का प्रयोग केवल उन स्थितियों में करें जहाँ देर से पछतावा करने का कोई लाभ नहीं होता। इसका प्रयोग सावधानीपूर्वक करें।

शब्द की उत्पत्ति

यह मुहावरा हिंदी साहित्य और लोकभाषा से लिया गया है जहाँ 'पछताना' का अर्थ पश्चाताप करना और 'होत क्या' का अर्थ 'क्या होगा' होता है। इसका प्रयोग सदियों से किया जा रहा है, विशेषतः उन स्थितियों में जहाँ देर से पछतावा करने का कोई अर्थ नहीं रहता।

उपयोग नोट्स

इस मुहावरे का प्रयोग आमतौर पर उन स्थितियों में किया जाता है जहाँ कोई व्यक्ति बहुत देर से अपनी गलती का एहसास करता है। इसका प्रयोग नकारात्मक संदर्भ में होता है।

शब्द विश्लेषण

अब
अभी या वर्तमान समय
adverb
+
पछताए
पश्चाताप करना
verb
+
होत क्या
क्या होगा?
phrase
हिन्दी शब्दकोश